गढ़ी-परतापुर चेयरमैन पद का मुकाबला हुआ दिलचस्प: BJP के सुनील आचार्य और कांग्रेस के सुदीप पंचोरी आमने-सामने, निर्दलीयों के हाथ सत्ता की चाबी
गढ़ी-परतापुर (बांसवाड़ा) : राजस्थान के बांसवाड़ा जिले की नवगठित गढ़ी-परतापुर नगरपालिका में बोर्ड गठन को लेकर सियासी पारा चरम पर पहुंच गया है। पालिका अध्यक्ष (चेयरमैन) पद के लिए नामांकन की प्रक्रिया पूरी होने के साथ ही अब चुनावी तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है। मुकाबला सीधे तौर पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) और कांग्रेस के बीच तय हो चुका है, लेकिन सत्ता का ताज किसके सिर सजेगा, इसका फैसला दो निर्दलीय पार्षदों के रुख पर निर्भर करेगा।
नामांकन दाखिल: सीधे मुकाबले की बिछी बिसात
अध्यक्ष पद के लिए कांग्रेस की ओर से वार्ड नंबर 14 से 278 मत हासिल कर चुनाव जीते सुदीप पंचोरी ने वरिष्ठ पार्टी पदाधिकारियों और निर्वाचित पार्षदों की मौजूदगी में अपना आवेदन दाखिल किया है।
दूसरी ओर, भारतीय जनता पार्टी ने वार्ड नंबर 22 से निर्वाचित पार्षद सुनील आचार्य को मैदान में उतारा है। सुनील आचार्य के नामांकन के साथ ही गढ़ी-परतापुर पालिका की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और दोनों दल अपनी-अपनी रणनीति बनाने में जुट गए हैं।
13 के 'जादुई आंकड़े' पर टिकी निगाहें
25 सदस्यों वाली गढ़ी-परतापुर नगरपालिका में बहुमत साबित करने और अध्यक्ष पद पर कब्जा जमाने के लिए 13 पार्षदों के समर्थन की जरूरत है।
वर्तमान में दलीय स्थिति बेहद रोचक मोड़ पर है:
कांग्रेस:
12 पार्षद भारतीय जनता पार्टी (BJP):
11 पार्षद निर्दलीय:
02 पार्षद
निर्दलीय बने 'किंगमेकर'
चुनावी गणित को देखें तो कांग्रेस बहुमत के जादुई आंकड़े (13) से महज एक कदम दूर है, जबकि भाजपा को अपनी सरकार बनाने के लिए 2 अतिरिक्त मतों की आवश्यकता है। ऐसे में चुनाव जीतकर आए दोनों निर्दलीय पार्षद 'किंगमेकर' की भूमिका में आ गए हैं।
| पार्टी / गुट | पार्षदों की संख्या | बहुमत के लिए आवश्यक |
| कांग्रेस | 12 | +1 वोट |
| BJP | 11 | +2 वोट |
| निर्दलीय | 02 | — |
क्रॉस वोटिंग और बाड़ेबंदी की सुगबुगाहट
अब पूरे क्षेत्र की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि ये दो निर्दलीय पार्षद किस खेमे को अपना समर्थन देते हैं। क्या कांग्रेस एक निर्दलीय का साथ लेकर बाजी मारेगी या फिर भाजपा दोनों निर्दलीयों को अपने पाले में लाकर समीकरण पलटने में कामयाब होगी? राजनीतिक गलियारों में संभावित क्रॉस-वोटिंग और पार्षदों की बाड़ेबंदी को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं। आगामी मतदान और मतगणना के साथ ही गढ़ी-परतापुर के नए पालिका अध्यक्ष के नाम पर मुहर लग जाएगी।


