रतलाम के एकलव्य हॉस्टल में 12वीं की छात्रा की संदिग्ध मौत: 2 घंटे हाईवे जाम, भारी आक्रोश के बाद वार्डन, प्रिंसिपल और शिक्षिका सस्पेंड
रतलाम : मध्यप्रदेश के रतलाम जिले में स्थित सैलाना एकलव्य आदर्श आवासीय स्कूल में 12वीं कक्षा की छात्रा वर्षा सोलंकी की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। घटना की खबर फैलते ही आदिवासी अंचल में भारी आक्रोश व्याप्त हो गया, जिसके विरोध में परिजनों, सैकड़ों छात्राओं और स्थानीय आदिवासी संगठनों ने रतलाम-सैलाना मुख्य मार्ग पर बैठकर चक्का जाम कर दिया।
2 घंटे तक थमा हाईवे, बैकफुट पर आया प्रशासन
मंगलवार शाम छात्रा की मौत की खबर मिलते ही हॉस्टल परिसर के बाहर भारी भीड़ एकत्र हो गई। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही और मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए दोषियों पर तुरंत कार्रवाई और आर्थिक सहायता की मांग रखी। सड़क पर लगभग 2 घंटे चले इस प्रदर्शन के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं।
देर रात गिरी गाज: तीन अधिकारियों पर कार्रवाई
बढ़ते जनाक्रोश और प्रशासनिक दबाव को देखते हुए जनजातीय कार्य विभाग ने देर रात त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन लोगों को पद से हटा दिया:
वार्डन: रेखा
प्रिंसिपल: नरेंद्र गंगवाल
शिक्षिका: प्रीति लांबा (परीक्षा चेकिंग प्रभारी)
इसके साथ ही पीड़ित परिवार को उचित आर्थिक सहायता देने का लिखित आश्वासन मिलने के बाद रात करीब 11 बजे चक्का जाम समाप्त हुआ।
परीक्षा में चेकिंग के बाद बढ़ा मानसिक तनाव
प्राप्त जानकारी के अनुसार, परीक्षा के दौरान चेकिंग को लेकर हुई एक बहस के बाद से छात्रा अत्यधिक तनाव में थी। इसके बाद ही हॉस्टल परिसर में उसकी संदिग्ध मौत की घटना सामने आई। पुलिस ने शव को रतलाम मेडिकल कॉलेज की मोर्चरी में रखवाया है, जहां बुधवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो सकेगी।
व्यवस्थाओं पर उठे गंभीर सवाल
इस दुखद घटना ने एक बार फिर सरकारी आवासीय विद्यालयों और हॉस्टलों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या बेहतर भविष्य की आस में हॉस्टल भेजी जाने वाली बेटियां वहां सुरक्षित हैं?
क्या परीक्षा चेकिंग के नाम पर मानसिक दबाव बनाया जा रहा था?
आदिवासी संगठनों ने मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की मांग की है। सैलाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

